हाल ही में सोनाली बेंद्रे ने बताया कि उसके पति
गोल्डी बहल चाहते हैं कि वह फिल्मों में वापस आ जाए। उसके पति का कहना है कि वह
बड़ी गलती कर रही है और फिल्मों में उसकी वापसी के लिए यह उचित समय है। क्या सोनाली इसके लिये घर के
काम काज से समय निकाल पाएगी? तो उसका कहना है कि
उसकी सास की भी यही राय है। नव वर्ष के दिन, 1 जनवरी 1975 को जन्मी इस 35 वर्षीय
अभिनेत्री ने 1994 में
गोविंदा
के साथ ‘आग’ फिल्म से सिने संसार प्रवेश किया था। 12 नवम्बर, 2002 को गोल्डी के साथ विवाह करके सिने संसार को अलविदा कहने से पहले सोनाली ने
रजतपट को अनेक नामी और स्मरणीय फ़िल्में दी हैं। इनमें मुख्य रूप से उल्लेखनीय हैं – ‘जख्म’-1998, ‘मेजर साब’-1998, ‘सरफरोश’-1999, ‘हम साथ साथ हैं’-1999, ‘हमारा दिल आपके पास है’-2000, ‘चोरी चोरी’-2003। इस सुंदर और प्रतिभावान अभिनेत्री सोनाली ने हिन्दी के अतिरिक्त
तमिल, तेलुगु व मराठी,
भाषा की अनेक फिल्मों में काम किया था।
फिल्मों में आने से पूर्व 1993 में जब वह ‘गवर्नमेंट ला कॉलेज’ की विद्यार्थी थी तभी उसको लक्मे के लिए अपना पहला
विज्ञापन मिला था। 1994 में ‘स्टार स्क्रीन
अवार्ड्स’ का ‘उभरती हुई नवांगतुक अभिनेत्री’ का पुरस्कार मिला। सन् 1995 में फिल्म आग’ के
लिए ‘फिल्म फेयर लक्स’ का ‘नया चेहरा’ पुरस्कार मिला।
सन् 2001 में ‘हमारा दिल आपके पास है’ के लिए ‘स्टार स्क्रीन अवार्ड्स’ का ‘सर्वोत्तम सह अभिनेत्री’ (बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस) का पुरस्कार मिला। सन् 2004 में मराठी फिल्म ‘अनाहत’ के लिए ‘स्टार
स्क्रीन अवार्ड्स’ का ‘सर्वोत्तम
अभिनेत्री’ (बेस्ट एक्ट्रेस) का
पुरस्कार मिला. फ़िल्में छोडने के बाद भी सोनाली टीवी चैनल्स से जुडी रही है। सन् 2005
में सैफ अली खान के साथ उसने ‘50वें फिल्म फेयर पुरस्कारों’ की मेजबानी की। ‘इसके अतिरिक्त वह इंडियन आइडल 4’ में जज भी बनी है।